अहाना बिस्तर के किनारे बैठ जाती है और अनन्या का हाथ पकड़ लेती है। उसका अंगूठा धीरे- धीरे अनन्या की उंगलियों पर घूमता है।
अनन्या उसे एक पल तक देखती रहती है — जिंदा, सुरक्षित।

अहाना बिस्तर के किनारे बैठ जाती है और अनन्या का हाथ पकड़ लेती है। उसका अंगूठा धीरे- धीरे अनन्या की उंगलियों पर घूमता है।
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