शिवानी अभी भी उलझन में दिख रही थी क्योंकि उसके पापा जिंदा नहीं हैं और न ही आरव के पास था । ।
"पर भैया... कोंसा पापा...!?" उसने फिर पूछा और दूसरा चिल्लाया "येई सर पे चोट लगी है क्या.. .!? तुम्हारे पापा... जो एमएलए हैं..."

शिवानी अभी भी उलझन में दिख रही थी क्योंकि उसके पापा जिंदा नहीं हैं और न ही आरव के पास था । ।
"पर भैया... कोंसा पापा...!?" उसने फिर पूछा और दूसरा चिल्लाया "येई सर पे चोट लगी है क्या.. .!? तुम्हारे पापा... जो एमएलए हैं..."

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