रात घिर चुकी थी और महल के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसकी दीवारों पर सदियों पुराने रहस्य खुदे हुए थे। हवा में एक अजीब-सी सिहरन थी, जैसे महल खुद ही कोई पुरानी कहानी सुना रहा हो।
रूहानी, नीले और सुनहरे रंग की एक सुंदर ड्रेस पहने, लंबे गलियारे में अकेले चल रही थी। उसके हर कदम के साथ उसके रेशमी कपड़े की सरसराहट सन्नाटे को चीर रही थी। उसकी रेशमी ज़ुल्फ़ें हवा में हल्की-सी हिल रही थीं, लेकिन उसकी आँखों में एक गहरी चिंता थी।





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